
परिचय
पंडित सुदेश शर्मा का जन्म 17 जनवरी 1965 को गाजियाबाद में हुआ। उनका घर मोदीनगर में है, और उनका सार्वजनिक जीवन इसी कस्बे का है। उनके पिता स्वर्गीय श्री सोमपाल शर्मा थे। पत्नी अंजू शर्मा हैं, और उनके पुत्र करण शर्मा और अर्जुन शर्मा हैं। जिस नगर ने उन्हें चेयरमैन और विधायक चुना, वहीं की पाठशाला से वे पढ़े।

सन् 1981 में उन्होंने मोदीनगर के एक इंटर कॉलेज से हाई स्कूल पूरा किया। सन् 1988 में हाथरस के एम.जी. पॉलिटेक्निक से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा लिया। वे किसान हैं और राजनीतिज्ञ हैं। एक ओर खेत और गन्ना, दूसरी ओर सड़क, भवन और नगर का काम। दोनों उनकी अपनी ज़मीन हैं।
2007 से 2012 तक वे मोदीनगर नगर पालिका के चेयरमैन रहे। यह कस्बे की अपनी सरकार है। 2011 की जनगणना में नगर पालिका परिषद की आबादी 1,30,325 थी, और नगर 26 वार्डों में बँटा था। पाँच वर्ष तक उस कुर्सी की जिम्मेदारी उनकी रही।
2012 में मोदीनगर ने उन्हें लखनऊ भेजा। राष्ट्रीय लोक दल से वे 58,635 मतों के साथ विधायक चुने गए। बहुजन समाज पार्टी के राजपाल सिंह पर अंतर 13,949 मत था। मार्च 2012 से मार्च 2017 तक वे उत्तर प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा में मोदीनगर की आवाज़ रहे। उनसे पहले यह सीट राजपाल सिंह के पास थी। उनके बाद डॉ. मंजू शिवाच ने संभाली।
इस कार्यकाल में वे सदन में उपनेता रहे और मुजफ्फरनगर दंगों की जाँच से जुड़े सदन के काम में शामिल रहे। फरवरी 2014 में उन्होंने मोदीनगर की बंद मोदी कपड़ा मिल के मज़दूरों का बकाया विधानसभा में रखा। मिलें 1980 के दशक में बंद हुई थीं, और कभी यहाँ करीब बीस हज़ार लोग काम करते थे। उन्होंने सदन को बताया कि मज़दूरों के लगभग 60 करोड़ रुपये अभी भी बाकी हैं। कस्बे का दर्द वे सदन तक ले गए।
मोदीनगर से उन्होंने चार बार चुनाव लड़ा है। 2022 में उन्हें 78,730 मत मिले, 35.31 प्रतिशत। यह अब तक का उनका सबसे बड़ा मतदान है। वे दूसरे स्थान पर रहे। 27 नवंबर 2022 को मेरठ में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। वे इस कस्बे के पूर्व चेयरमैन और पूर्व विधायक हैं, और आज भी जनसभा, सम्मान और खेल के मैदान में लोगों के बीच खड़े होते हैं।


जो वे साथ लाते हैं
- सिविल इंजीनियर का प्रशिक्षण
हाथरस से डिप्लोमा। नगर की सड़क, भवन और पालिका का काम उनके पढ़े हुए विषय से जुड़ता है।
- किसान
वे किसान हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का खेत और गन्ना उनके अपने जीवन का हिस्सा है।
- पाँच वर्ष चेयरमैन
2007 से 2012 तक मोदीनगर नगर पालिका। कस्बे का रोजमर्रा का शासन उनके जिम्मे रहा।
- पाँच वर्ष विधायक
2012 से 2017 तक मोदीनगर की आवाज़ विधानसभा में रही। सदन में वे उपनेता रहे। मुजफ्फरनगर दंगों की जाँच से जुड़े काम में शामिल रहे, और मिल मज़दूरों का बकाया सदन में रखा।
- अब भी लोगों के बीच
नवंबर 2022 से वे भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं। जनसभा, सामुदायिक सम्मान और युवा खिलाड़ियों के साथ वे मोदीनगर में मौजूद रहते हैं।
परिवार
- पिता
- स्वर्गीय श्री सोमपाल शर्मा
- पत्नी
- अंजू शर्मा
- बच्चे
- करण शर्मा और अर्जुन शर्मा
शिक्षा
- 1981
मोदीनगर के एक इंटर कॉलेज से हाई स्कूल।
- 1988
एम.जी. पॉलिटेक्निक, हाथरस से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा।